दयानन्द के खण्डन(dyanand k kndan)part6

आप को वृथा क्या समझता है। एक हजार से अधिक भर वेदभाव के ग्राम उतान प्रतिवीर पो धान के । तिदिन नये प्रार्थना पत्र अधिकता से आ रहे हैं। में इ...

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दयानन्द के खण्डन(dyanand k kndan)part5

जाता है । हे शत्रुओं के नाशक, हमारे शत्रु को कि हम यश वाले हैं। लोग हमें बधाई दे; हम सदा उनको प्रसन्नताओं में रहे जो सदा इन्द्र की कृपा से...

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दयानन्द के खण्डन(dyanand k kndan)part4

"ज्ञान इस देश के उन पंडितों से प्राप्त किया हुआ है जो कि स्वयं भी बेदविद्या की गहरी बातों से परिचिठ पहीं थ 1 इन दर वेदभाष्य के द्वारा...

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दयानन्द के खण्डन(dyanand k kndan)part3

वेदभाष्य सम्बन्धी पत्र आर्य समाज की ओर से-सेना में डाव्टर जी० टब्ल्यू० लाइटनर महोटय, एम० ए० बैरिस्टर एट ला, रजिस्ट्रार पंजाब यूनिवर्सिटी क...

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दयानन्द के खण्डन(dyanand k kndan)part2

तर्क रहा इसके दृष्टांत आप लोग मराठी के इतिहास और पजाब में गिरा जाति के इतिहास से भली-भांति जान यह दशा हो रही है तो भ्रातृ-गण ! वया, हमें अ...

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दयानन्द के खण्डन(dyanand k kndan)

पास से थोड़ा-थोड़ा व्यय करके भोजन निषेध और उसके प्रमाण छपवा कर सच देश में बिना मूल्य वितरण का आशा है इस उपाय से बहुत मनुष्यों की आंखें खुल...

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मिया और मुहम्मद(mea or muhamd)part10

उनको तर रिया आप शो आये तब उसका उत्तर आया कि मैं। २ नहै। मने दरूदो कोइ कि त मर जावे तो क्या इस स्थान पर बहुत-सी त्या दुबे वा देती है तो मो...

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मिया और मुहम्मद(mea or muhamd)part9

और मिबां मुहम्मद जान को कोटी में व्याख्यान देने लगे । टनको दरों खे बा वह कुछ मिनटों से अधिक नहीं । स्वामी जी ने उनको कहा था कि आप अमी लड़क...

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मिया और मुहम्मद(mea or muhamd)part8

एक व्याख्यान में स्वामी जी ने यह कहा कि संग कही हैं कि उगरेज् धनवान होते जाते हैं और देशी निर्न 1 इस वात की बिन्ता न करनी चाहिये क्योंकि ज...

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